जिला कल्याण कार्यालय

विभाग के मुख्य उदेश्य

विभाग के मुख्य उदेश्यों में अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़े वर्गो तथा अल्प सख्यकों के सामाजिक, आर्थिक तथा शैक्षणिक उथान के लिए योजनाओ का संचालन करना तथा उनके अधिकारो को संरक्षण प्रदान करने के लिए अधिनियमों का कार्यन्वयन करना । व्यक्ति जिनमे अक्ष्मताएँ हैं उन्हें समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण एवं पूर्ण भागीदारी सुनिशचित करने के लिए योजनाओं तथा अधिनियमों का कार्यन्वयन करना । वृद्धों, विकलागों, विधवाओं इत्यादि को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना | वरिष्ठ नागरिकों के कल्याणार्थ योजनाओ का संचालन तथा उनके अधिकारो एवं संरक्षण प्रदान करने के लिए अधिनियमों का कार्यन्वयन करना । मादक द्रव्यों के कुप्रभावों के प्रति पर जागरूकता अभियान चलाना तथा उनसे प्रभावितो का पुर्नवास करना ।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, अनुसूचित जाति के हितों की निगरानी करने के लिए नोडल मंत्रालय है। यद्यपि अनुसूचित जातियों के हितों के संरक्षण की प्राथमिक ज़िम्मेदारी सभी केंद्रीय मंत्रालयों के साथ राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में है, लेकिन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय विशेष रूप से तैयार योजनाओं के माध्यम से अन्य केन्द्रीय मंत्रालयों एवं राज्य सरकारों को सहयोग प्रदान करता है। अनुसूचित जातियों के हितों की रक्षा और प्रचार के लिए राज्य सरकारों एवं अन्य केंद्रीय मंत्रालयों द्वारा किए गए प्रयासों की भी निगरानी की जाती है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाएँ

कल्याणकारी योजनाएँ
क्रम संख्या योजना का नाम पात्रता/शर्तें
1. इन्दिरा गांधी राष्ट्रिय वृद्वावस्था पेंशन योजना
  1. प्रार्थी 60 वर्ष या अधिक आयु का हो ।
  2. बी0पी0एल0 में चयनित होने का नवीनतम प्रमाण-पत्र ।
  3. सम्बन्धित ग्राम पंचायत से ग्राम सभा प्रस्ताव ।
  4. परिवार नकल ।
  5. आधार कार्ड ।
  6. बैंक खाता ।
2. इन्दिरा गांधी राष्ट्रिय विधवा पेंशन योजना
  1. प्रार्थी 40-79 वर्ष या अधिक आयु की विधवा औरत हो ।
  2. बी0पी0एल0 में चयनित होने का नवीनतम प्रमाण-पत्र ।
  3. सम्बन्धित ग्राम पंचायत से ग्राम सभा प्रस्ताव ।
  4. परिवार नकल ।
  5. आधार कार्ड ।
  6. बैंक खाता ।
3. इन्दिरा गांधी राष्ट्रिय विकलांग पेंशन योजना
  1. प्रार्थी 80 प्रतिषत से अधिक विकलांग हो ।
  2. बी0पी0एल0 में चयनित होने का नवीनतम प्रमाण-पत्र ।
  3. परिवार नकल ।
  4. आधार कार्ड ।
  5. बैंक खाता ।
4. वृद्वावस्था पेंशन
  1. प्रार्थी 60 वर्ष या अधिक आयु का हो ।
  2. प्रार्थी जिनकी परिवार सहित वार्षिक आय 35,000/- से अधिक न हो चाहे लडके अलग ही रहते हों ।
  3. सम्बन्धित ग्राम सभा से प्रस्ताव ।
  4. परिवार नकल ।
  5. आधार कार्ड ।
  6. बैंक खाता।

अथवा

  1. प्रार्थी 70 वर्ष या अधिक आयु का हो ।
  2. शपथ पत्र जिसमें यह वर्णित हो कि प्रार्थी को किसी प्रकार की पेंशन नहीं लगी है ।
  3. परिवार नकल ।
  4. आधार कार्ड ।
  5. बैंक खाता ।

नोट: उक्त पेंशन हेतू ग्राम सभा प्रस्ताव एवं आय प्रमाण पत्र देना आवश्यक नहीं है ।

5. विधवा/परित्यक्ता/एकल नारी पेंशन
  1. प्रार्थी 18 वर्ष या अधिक आयु की विधवा औरत हो ।
  2. प्रार्थी जिनकी परिवार सहित बार्शिक आय 35000/- से अधिक न हो चाहे लडके अलग ही रहते हों ।
  3. सम्बन्धित ग्राम पंचायत से ग्राम सभा प्रस्ताव ।
  4. परिवार नकल ।
  5. आधार कार्ड ।
  6. बैंक खाता ।
6. विकलांग राहत भत्ता
  1. प्रार्थी 40 प्रतिशत से अधिक विकलांग हो ।
  2. प्रार्थी जिनकी परिवार सहित वार्षिक आय 35,000/- से अधिक न हो चाहे लडके अलग ही रहते हों ।
  3. सम्बन्धित ग्राम सभा से प्रस्ताव ।
  4. परिवार नकल ।
  5. आधार कार्ड ।
  6. बैंक खाता ।

नोट: 40 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले दिव्यांग भी पात्र हैं । 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग एवं 40 प्रतिशत से अधिक मानसिक मंद्धता वाले दिव्यांगों को ग्राम सभा प्रस्ताव एवं आय प्रमाण पत्र देना आवष्यक नहीं है ।

7. कुष्ठ रोग पुर्नवास भत्ता
  1. कुष्ठ रोग का प्रमाण-पत्र ।
  2. प्रार्थी सरकारी /अर्धसरकारी कर्मचारी न हो ।
  3. सम्बन्धित ग्राम सभा से प्रस्ताव ।
  4. परिवार नकल ।
  5. आधार कार्ड ।
  6. बैंक खाता ।

नोट: उक्त पेंशन हेतू आय तथा आयु सीमा नहीं है ।

8. किन्नर पेंशन योजना
  1. मैडिकल बोर्ड का प्रमाण-पत्र ।
  2. प्रार्थी सरकारी /अर्धसरकारी कर्मचारी न हो ।
  3. परिवार नकल ।
  4. आधार कार्ड ।
  5. बैंक खाता ।
  6. शपथ पत्र जिसमें यह वर्णित हो कि प्रार्थी को किसी प्रकार की पेंशन नहीं लगी है ।
9. अन्तर्जातीय विवाह पुरस्कार योजना
  1. दम्पति का हिमाचली प्रमाण पत्र ।
  2. दम्पति के जाति प्रमाण पत्र ।
  3. दम्पति के आयु प्रमाण पत्र |
  4. दम्पति की शादी दर्ज होने का प्रमाण पत्र ।
  5. यदि दोनों में से कोई दूसरे जिले से हो तो वहां से अनापत्ति पत्र लगायें।
10. गृह अनुदान योजना अनुसूचित जाति/अन्य पिछडा वर्ग/अल्पसंख्यक/विधवा/एकल नारी एवं अपंग को गृह अनुदान हेतू  1,30,000/- रू का अनुदान दिया जाता है, जिसके लिए निम्नलिखित प्रमाण पत्र संलग्न करें:

  1. हिमाचली प्रमाण पत्र |
  2. अनुसूचित जाति/अन्य पिछडा वर्ग/अल्पसंख्यक/विधवा/एकल नारी अथवा अपंग होने का प्रमाण पत्र |
  3. आय प्रमाण पत्र |
  4. जमीन का पर्चा एवं ततीता ।
  5. ग्राम पंचायत द्वारा पारित प्रस्ताव ।
  6. पहले अनुदान न लेने बारे शपथ पत्र ।
  7. वर्तमान मकान का फोटो ।